कोरोना वैक्सीन: कोरोना वैक्सीन से related सारी जानकारी

आप लोग ये तो जानते ही होंगें की 2020 में कोरोना के कारण पुरे देश में lockdown किया गया था. और साथ साथ इसके चलते कई लोगों की मृत्यु हो गयी थी. ये तो शायद ही किसी को ना पता हो की कोरोना जैसे बीमारी पुरे दुनिया में किस देश से आयी है. आज की इस post में हम आपको “कोरोना वैक्सीन: कोरोना वैक्सीन से related सारी जानकारी (जानें हिंदी में) हिंदी मेव देंगें” तो आइये शुरु करते है.

India, अमेरिका और बिट्रेन सहित और कई देशो में भी कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण अभियान चल रहा हैं. भारत में अब तक 41 लाख 38 हजार से अधिक लोगों को Covid-19 का टीका लगाया जा चुका है और इसी के साथ दुनिया में सबसे तेजी से 40 लाख लोगों को टीका लगाने के मामले में भारत सबसे आगे हो गया है. वहीं अमेरिका में अब तक ढाई करोड़ से भी अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है, जबकि ब्रिटेन में भी लाखों लोगों का टीकाकरण हो चुका है.

वैक्सीन क्या है

जब आप किसी बीमारी, संक्रमण या वायरस के संपर्क में आ जाते है तो वैक्सीन आपको इन बीमारियों से लड़ने के लिए ready करती है. आपने बहुत बार सुना होगा जिसका इम्यून सिस्टम अच्छा होता है उसे बीमारी जल्दी नही होती है और अगर उसे कोई बीमारी हो भी जाए तो वो उस बीमारी से जल्दी बाहर निकल आता है.

इसी प्रकार वैक्सीन शरीर के इम्यून सिस्टम को वायरस की पहचान करने के लिए प्रेरित करती हैं और उनके लड़ने के लिए हमारे शरीर में एंटीबाडी बनाते है जो बहरी हमले से लड़ने में हमारे शरीर की help करता है.

वैक्सीन लगने का पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों असर होते है लेकिन ज्यादातर लोगों को वैक्सीन लगने के पॉजिटिव असर हो होता है. नेगेटिव असर बहुत कम लोंगो को वैक्सीन का होता है. और साथ साथ जब भी किसी को वैक्सीन लगती है तो कुछ लोंगों को इसके साइड इफेक्ट्स भी हो जाते है, जैसे ख़ासी, हल्का बुखार आदि.

कोई भी वैक्सीन लगने के कुछ time बाद ही आप उस बीमारी से लड़ने की हिम्मत विकसित कर लेते हैं.

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क्या कोरोना वैक्सीन safe है

ज़्यादातर विशेषज्ञों का कहना है कि Covid से लड़ने के लिए बनी अब तक की लगभग सभी वैक्सीनों की सुरक्षा संबधी Report ठीक रही है. जब आपको वैक्सीन लगे तो हो सकता है वैक्सिनेशन के चलते मामूली बुखार आ जाए या फिर सिरदर्द या इंजेक्शन लगाने वाली जगह पर दर्द होने लगे.

Doctors का कहना है कि अगर कोई Vaccine 50% तक प्रभावी होती है, तो उसे सफल वैक्सीन की श्रेणी में रखा जाता है. Doctors का ये भी कहना है कि Vaccine लगवाने वाले व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य में होने वाले किसी भी मामूली बदलाव पर पूरी नज़र बनाए रखनी होगी और किसी भी बदलाव को तुरंत किसी Doctor से Share करना होगा.

बच्चों के लिए क्या कोरोना वैक्सीन safe है.

India Biotech की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को 12 साल से बड़ी उम्र के बच्चों के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मिल हुई है. साथ ही भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल ने इस वैक्सीन को 18 साल से कम उम्र के टीनेजर्स पर क्लीनिकल ट्रायलस करने की अनुमति दी है. इसके तहत जिन भी बच्चों को ये वैक्सीन दी जाएगी उनके स्वास्थ्य लक्षणों की निरंतर जाँच की जाएगी.

भारत में कोन सी Covid 19 वैक्सीन स्वीकृत है

भारत में कोरोना वैक्सीन से बचाव के लिए दो वैक्सीन लगाई जा रही है, जिन्हें ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (डीसीजीआई) ने अनुमति दी है. ये दो वैक्सीन हैं – कोविशील्ड और कोवैक्सीन.

कोविशील्ड जहां असल में ऑक्सफ़ोर्ड-एस्ट्राज़ेनेका का संस्करण है वहीं कोवैक्सीन पूरी तरह भारत की अपनी वैक्सीन है जिसे ‘स्वदेशी वैक्सीन’ भी कहा जा रहा है. कोविशील्ड को भारत में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया कंपनी ने बनाया है. और कोवैक्सीन को हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर बनाया है.

आपको और मुझे क्या कोरोना वैक्सीन लेनी चाहिए या नही

अभी तक कही भी कोरोना वैक्सीन को लगाना जरुरी नही बताया गया है. लेकिन ज़्यादातर लोगों को यह सलाह दी जा रही है कि वो वैक्सीन लगवायें. जबकि, जो लोग अभी किसी बीमारी से जूझ रहे है उनके लिए वैक्सीन लगाने के लिए आपत्ति जताई जा रही है.

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सीडीसी का कहना है कि वैक्सीन ना सिर्फ़ कोविड-19 से सुरक्षा देती है, बल्कि दूसरों को भी सुरक्षित करती है. इसके अलावा सीडीसी टीकाकरण को महामारी से बाहर निकलने का सबसे महत्वपूर्ण ज़रिया भी बताती है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि संक्रमण को रोकने के लिए कम से कम 65-70% लोगों को वैक्सीन लगानी होगी, जिसका मतलब है कि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करना होगा. बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें कोविड वैक्सीन तैयार होने की रफ़्तार को लेकर कई तरह की चिंताएं हैं.

यह सच है कि वैज्ञानिक एक वैक्सीन विकसित करने में कई साल लगा देते हैं, मगर कोरोना महामारी का समाधान ढूंढने के लिए रफ़्तार को काफ़ी बढ़ाया गया. इसीलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन वैज्ञानिकों, व्यापारिक और स्वास्थ्य संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है.

अगर कम शब्दों में कहें तो अरबों लोगों के टीकाकरण से कोविड-19 को फैलने से रोका जा सकेगा और दुनिया हर्ड इम्यूनिटी की ओर बढ़ेगी. विशेषज्ञों का कहना है कि हर्ड इम्यूनिटी के ज़रिये ही दुनिया सामान्य जीवन में दोबारा लौट पायेगी.

किन किन लोंगों को वैक्सीन लगानी चाहिए

मेरे अनुसार जो लोग एक देश से दुसरे देश या फिर एक शहर से दुसरे शहर ज्यादा भागादोडी कर रहे है अभी उन लोगों को वैक्सीन लगा लेनी चाहिए. और जो लोग अभी गाँव में है और उन लोंगों को अभी वैक्सीन लगाने के लिए थोडा रुकना चाहियें. क्योकिं अगर आप भी वैक्सीन लगाने के लिए जायेंगे और भीड़ के संपर्क में आकर कही कोरोना की चपेट में ना आ जाए. इसी कारण से आपको थोडा इन्तेजार और कर लेना चाहिए.

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